प्रेमी के बहुत वर्षों तक असीम प्यार करने वाली प्रेमिका अचानक प्रेमी को छोड़ कर जाने को तेयार है. प्रेमी लिखता है …
ये तुम कैसे बदल गए !
मुझसे करते थे , प्रेम अपार
जीवन से ज्यादा मुझे चाहने वाले तुम
अब, मुझमे दूढ़ते हो विकार
मैं जिनकी हुआ करता था बैसाखी ,
वो मेरे बिना कैसे चल गए ?
ये तुम कैसे बदल गए !
थी , हमसे उनकी जिंदगी,
हमसे ही थी ख़ुशी
जो हँसते थे कभी साथ मेरे ,उनकी
गूंजती है अब हम पर हँसी
मुझको जलने वाले ,ज़रा सी बात पर
खुद कैसे जल गए ?
ये तुम कैसे बदल गए !
उनकी चाहत का था , अलग अंदाज़
झगड़ने पर जो हँसते थे ,
जरा सा हँसने पर
झगड़ते हैं आज !
जिनके लिए था मैं गिरा , वो मुझे छोड़
खुद कैसे संभल गए ?
ये तुम कैसे बदल गए !
उन्होंने पढाया था , मुझे, वफ़ा का पाठ !
मुझे बंधन में बाँधने वाले वो,
अब खुद खोल रहे गाँठ !
जो भावना से थे भरे
मेरी भावनाओं को , वो
कैसे छल गए?
ये तुम कैसे बदल गए !
उनके लिए , मैं ही था पहले , और
मैं ही था “बाद”
छोड़ते नहीं थे साथ पल भर का जो
करते नहीं अब हमको याद
सोचा था कल मिलेंगे वो, बीत
जाने कितने ऐसे कल गए.
ये तुम कैसे बदल गए !