प्रेमी अपनी प्रेमिका से कहना चाहता है कि उसके जीवन में खुशियाँ लाने के बाद कहीं वो उसे छोड़ कर चली न जाये ………..
तुम आए जीवन में मेरे, उस पल
जब थे घने अंधेरे
तुमने मेरा साथ दिया तो ,
मैंने देखे नए सवेरे
मेरी पलकों को अपना कर
अपने सपने मुझे दिखा कर
दिल से तुम ना मुझे गिराना
तुम ओस की बूँद न बन जाना
तुमसे मिल कर मैंने जाना
क्या होता है सपनों का उड़ना
तुमसे मिल कर ही तो सीखा
दिल ने आशाओं से जुड़ना
जब भी आँखें बेबेस हो कर
कुछ बूँदें खोना चाहती थी,
तब मेरे इस तन्हा मन को
तेरी बाँहें मिल जाती थी।
अब मैंने अहसास किया ,
वो लम्हा दिल का हो जाता था
आँखों से बूँदों को खो कर
दिल कितना हल्का हो जाता था
आशाओं के पंख लगा कर
मुझको उड़ना सिखला कर
तुम छोड़ न ये दामन जाना।
तुम ओस की बूँद न बन जाना।
तुमसे मिल कर मैंने जाना
दिल की धड़कन का मतलब क्या है।
क्यों प्रेमी इसको हैं सुनते
क्यों धड़कन से धड़कन बुनते ।
क्यों दिल की धड़कन केवल
जिंदा रहने की नहीं निशानी।
क्यों ये धड़कन बढ़ जाती है
जब मिल जाती है प्रीत सुहानी।
कैसे अरमानों के बादल ,
तेरी एक आहट को चाहें।
कैसे तेरी हर एक आहट
चाहत की बारिश ले कर आए.
चाहत के बादल बरसा कर,
अपना सागर मुझे बना कर
किसी और नहीं सागर जाना ।
तुम ओस की बूँद न बन जाना।